बिहार में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मिली मजिस्ट्रेट की शक्ति, त्योहारों और जुलूसों में कानून-व्यवस्था संभालना होगा आसान
पटना: बिहार सरकार ने त्योहारों, मेलों और जुलूसों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां प्रदान की हैं। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 15 के तहत यह अधिकार दिया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, रेल पुलिस जिले को छोड़कर बिहार के सभी जिलों में पदस्थापित वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), पुलिस अधीक्षक (SP), पुलिस महानिरीक्षक (IG), पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) और पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों को उनके कार्यक्षेत्र में विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां प्राप्त होंगी।
BNSS की धारा 125 से 143 तक की शक्तियां
इन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को BNSS की धारा 125 से 143 के तहत विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां प्रदान की गई हैं। सरकार का उद्देश्य त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से तत्काल और प्रभावी ढंग से निपटना है।
अधिसूचना में सरस्वती पूजा, होली, रामनवमी, दुर्गा पूजा, दीपावली, ईद, बकरीद, मुहर्रम, काली पूजा, छठ और शब-ए-बरात समेत अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सार्वजनिक अवसरों पर आयोजित होने वाले मेलों और जुलूसों के दौरान इन शक्तियों के इस्तेमाल का प्रावधान किया गया है।
मौके पर ही लिया जा सकेगा आवश्यक निर्णय
सरकार के इस फैसले से त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों में आवश्यक दंडाधिकारी शक्तियों का मौके पर ही इस्तेमाल करने में सुविधा होगी। इससे प्रशासनिक समन्वय बेहतर होने और संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
गृह विभाग का यह कदम खास तौर पर उन मौकों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब बड़ी संख्या में लोग मेलों, धार्मिक आयोजनों और जुलूसों में शामिल होते हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल निर्णय लेने की आवश्यकता होती है।