भारत की नीतियों में म्यांमार अहम साझेदार: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
नई दिल्ली, प्रतिनिधि:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने म्यांमार को भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया है। उन्होंने यह बात म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाकात के दौरान कही।
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंध हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों को विशेष मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने म्यांमार को दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का प्रवेश द्वार बताते हुए इसकी रणनीतिक महत्ता पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति ने म्यांमार में शांति और सुलह की प्रक्रिया के लिए भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी परियोजनाएं साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार हैं और इन्हें शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि भारत-म्यांमार के बीच व्यापारिक संबंध दवाइयों, मशीनरी और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में बढ़े हैं, हालांकि अभी भी इसमें और विस्तार की संभावनाएं मौजूद हैं। दोनों देशों ने भविष्य में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।