राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: कृष्ण मोहन बने अंतरिम महासचिव, दान विवाद के बीच प्रशासनिक सुधारों की घोषणा

अयोध्या

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चल रहे दान गड़बड़ी विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। ट्रस्ट ने अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करते हुए वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है।

यह निर्णय अयोध्या में हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया, जहां दान में कथित अनियमितताओं पर विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर चर्चा हुई। रिपोर्ट में दान की गिनती और प्रबंधन में गड़बड़ियों की ओर संकेत किया गया है, जिसके बाद ट्रस्ट ने सख्त कदम उठाए हैं।

ट्रस्ट के अनुसार, इस मामले में आठ लोगों की संलिप्तता सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

नई व्यवस्था के तहत ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक सुधार करने का ऐलान किया है। साथ ही, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की गई है, जो जल्द ही नामों की सिफारिश करेगी।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूरे सिस्टम में सुधार किया जाएगा। उन्होंने दान प्रक्रिया में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता भी जताई।

ट्रस्ट के आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक लगभग 582 करोड़ रुपये के दान प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 391 करोड़ रुपये प्रशासनिक खर्चों पर उपयोग किए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित है।

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