लालू के जन्मदिन पर सियासी वार: तेजस्वी का नीतीश पर तंज, रागिनी का सम्राट चौधरी पर पलटवार

अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के 79वें जन्मदिन का आयोजन इस बार केवल जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सियासी हमलों का बड़ा मंच बन गया। कार्यक्रम के दौरान राजद नेताओं ने एक ओर लालू यादव के राजनीतिक योगदान को याद किया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार पर तीखे प्रहार किए।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए उनके पुत्र निशांत कुमार को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि “अब निशांत कुमार को भी शिक्षा मंत्री इंजीनियर बना देंगे।” उनके इस बयान को राज्य की शिक्षा व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली पर करारा हमला माना जा रहा है।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी हुई है।

इसी क्रम में लालू यादव की पुत्री रागिनी यादव ने भी मंच से केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लेते हुए कहा, “जिस व्यक्ति को हमारे पिता ने जेल से निकलवाने में मदद की थी, आज वही लोग हमें घर से निकालने की राजनीति कर रहे हैं।” रागिनी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

रागिनी यादव ने अपने पिता को सामाजिक न्याय और पिछड़ों की आवाज बताते हुए कहा कि आज भी बिहार की बड़ी आबादी लालू यादव को अपना नेता मानती है। उन्होंने दावा किया कि विरोधियों के आरोपों के बावजूद लालू यादव की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा है।

इस अवसर पर राज्यभर में राजद कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई जगह केक काटे गए, गरीबों के बीच भोजन वितरण किया गया तथा रक्तदान शिविर भी लगाए गए। पटना स्थित राजद कार्यालय में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता जुटे और अपने नेता को जन्मदिन की बधाई दी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के बयान बिहार की सियासत को और गर्माएंगे। जहां एक ओर राजद सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन भी जवाबी हमले की तैयारी में जुटा है।

लालू यादव का यह जन्मदिन आयोजन आने वाले चुनावी मुकाबले की झलक देता नजर आया, जहां आरोप-प्रत्यारोप और सियासी बयानबाजी का दौर और तेज होने की संभावना है।

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