“लोकतंत्र की खूबसूरती: बर्तन धोने वाली महिला बनी विधायक, बंगाल में बदली सियासत की तस्वीर”

कोलकाता/बर्दवान से विशेष संवाददाता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने एक ऐसी कहानी लिखी है, जो भारतीय लोकतंत्र की असली ताकत को दर्शाती है। घरों में काम करने वाली एक साधारण महिला से लेकर विधायक बनने तक का सफर तय करने वाली कलिता माजी की जीत आज पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।

पूर्व बर्दवान जिले की आउसग्राम (एससी) सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार कलिता माजी ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्न लोहार को करीब 12 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया।

संघर्ष से सत्ता तक का सफर

कलिता माजी की कहानी लोकतंत्र की उस ताकत को दिखाती है, जहां आम व्यक्ति भी जनप्रतिनिधि बन सकता है। कभी मात्र 2500 रुपये महीने कमाने वाली माजी चार घरों में घरेलू काम करती थीं।
साल 2021 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और 2026 में वही भरोसा ऐतिहासिक जीत में बदल गया।

बंगाल में ‘केसरिया लहर’

इस चुनाव में भाजपा ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए 294 में से 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
यह पहली बार है जब दशकों बाद बंगाल में केंद्र की सत्ता वाली पार्टी सरकार बनाने जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

तृणमूल को बड़ा झटका

चुनाव परिणामों में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कई अहम सीटों पर पार्टी पिछड़ती नजर आई, जिससे उसके लंबे शासन का अंत हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *