“विश्वगुरु” पर कांग्रेस का तीखा वार: कूटनीति पर उठे सवाल
नई दिल्ली, ब्यूरो। अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि इस घटनाक्रम ने भारत की कूटनीतिक रणनीति को कमजोर किया है और “स्वयंभू विश्वगुरु” की छवि पूरी तरह उजागर हो गई है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका भारत की कूटनीति के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की “व्यक्तिगत कूटनीति” इस मामले में प्रभावी साबित नहीं हुई।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि सरकार की विदेश नीति में संतुलन की कमी दिखी है और प्रधानमंत्री की चुप्पी, विशेष रूप से इजरायल की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय बयानों पर, कई सवाल खड़े करती है।
पार्टी ने दावा किया कि पाकिस्तान जैसी स्थिति वाले देश का युद्धविराम में अहम भूमिका निभाना भारत की रणनीतिक असफलता को दर्शाता है। साथ ही, कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री के दौर की कूटनीतिक उपलब्धियों का हवाला देते हुए मौजूदा सरकार की नीति पर पुनर्विचार की जरूरत बताई।