सिपाही बहाली परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, 15 जालसाज गिरफ्तार; संगठित गिरोह का भंडाफोड़
लाखों रुपये लेकर नौकरी दिलाने का झांसा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद
पटना | अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न):
सिपाही बहाली परीक्षा में धांधली और फर्जीवाड़ा करने वाले एक संगठित गिरोह का पटना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में अब तक 15 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये लोग अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें परीक्षा में पास कराने और नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों और संदिग्ध ठिकानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से 15 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में गिरोह से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों का एक संगठित नेटवर्क था, जो अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की मांग करता था। गिरोह के सदस्य कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, संदिग्ध दस्तावेज, एडमिट कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। जब्त सामान की गहन जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क और उसके संचालन की अवधि का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जरूरत पड़ने पर और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को सिपाही बहाली परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। साथ ही अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे किसी भी दलाल या फर्जी एजेंट के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।