60 किमी तक सटीक मार, DRDO ने किया पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण
चांदीपुर (ओडिशा): भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में किया गया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रॉकेट का परीक्षण 60 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी के लिए किया गया, जिसमें इसने सभी निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए लक्ष्य को सटीकता के साथ भेद दिया। परीक्षण के दौरान रॉकेट ने तय मार्ग (trajectory) का पूरी तरह पालन किया और सभी इन-फ्लाइट मैन्युवर्स सफलतापूर्वक पूरे किए।
यह अत्याधुनिक रॉकेट आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) द्वारा हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके विकास में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी (DRDL) और रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) का भी योगदान रहा है।
विशेष बात यह है कि इस रॉकेट को मौजूदा पिनाका लॉन्चर से ही दागा गया, जिससे यह साबित हुआ कि यह प्रणाली विभिन्न रेंज के रॉकेट को बिना किसी बदलाव के लॉन्च करने में सक्षम है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO, भारतीय सेना और संबंधित उद्योगों को बधाई दी। उन्होंने इसे स्वदेशी लंबी दूरी की मारक क्षमता के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। वहीं, DRDO के अध्यक्ष और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने भी इस उपलब्धि को टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिनाका प्रणाली भारतीय सेना की तोपखाना क्षमता को और मजबूत करेगी तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।