हिंसक झड़पों के बाद सोनम वांगचुक की संस्था पर कार्रवाई
केंद्र सरकार ने एसईसीएमओएल का एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया, कई गंभीर उल्लंघनों का आरोप
लेह/नई दिल्ली।
लद्दाख में राज्य का दर्जा और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर हुए भीषण विरोध-प्रदर्शन के ठीक एक दिन बाद केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि संस्था ने विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (FCRA) के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अगस्त 2025 में संस्था को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, जिसके जवाब में एसईसीएमओएल ने 19 सितंबर को अपना पक्ष रखा। लेकिन मंत्रालय ने जवाब को असंतोषजनक मानते हुए लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया।
मंत्रालय के मुख्य आरोप
- वर्ष 2021-22 में सोनम वांगचुक द्वारा संस्था के एफसीआरए खाते में ₹3.5 लाख जमा करना धारा 17 का उल्लंघन बताया गया।
- संस्था को स्वीडन की संस्था Framtidsjorden से ₹4.93 लाख की राशि प्राप्त हुई, जिसमें “सॉवरेनिटी” (राष्ट्रीय संप्रभुता) से जुड़े अध्ययन को मंत्रालय ने राष्ट्रीय हित के विपरीत करार दिया।
- वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्थानीय व्यक्तियों से ₹54,000 की जमा राशि को भी नियमों का उल्लंघन माना गया।
- कोविड लॉकडाउन के दौरान एक स्वयंसेवी की राशि वापस करना भी अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध बताया गया।
- कर्मचारियों के वेतन से भोजन शुल्क के नाम पर काटी गई ₹79,200 की विदेशी सहायता राशि को निर्धारित खाते में दर्ज न करना लेखा प्रणाली की गंभीर खामी माना गया।
मंत्रालय ने कहा कि संस्था ने एफसीआरए की धारा 8(1)(a), 17, 18, 19 और धारा 12(4) के तहत पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर धारा 14(1) के तहत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया।
हिंसा और आरोप
गौरतलब है कि बुधवार को लेह में हिंसक झड़पों के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी और 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसी दौरान भाजपा कार्यालय पर भी हमला हुआ, जिसके लिए केंद्र ने सोनम वांगचुक की “उकसाऊ भाषणों” को जिम्मेदार ठहराया।
वांगचुक का जवाब
सोनम वांगचुक ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा— “यह सब मुझे बलि का बकरा बनाने की साजिश है। असली मुद्दों से ध्यान हटाकर दोष किसी और पर मढ़ना समाधान नहीं है। चाहे मुझे जन सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार भी करना पड़े, मैं इसके लिए तैयार हूं।