प्रधानमंत्री मोदी बोले: “यह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गौरवपूर्ण अध्याय है”
नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026 — संसद के बजट सत्र के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत आज लोकतंत्र के इतिहास के एक शानदार, गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक अध्याय में प्रवेश कर चुका है।
उन्होंने बताया कि देश, लंबे समय से लम्बित समस्याओं से उभरते हुए स्थायी समाधान की ओर अग्रसर है और सरकार हर स्तर पर समावेशी तथा मानव-केंद्रित विकास पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “समय अब समाधान खोजने का है, अड़चनें पैदा करने का नहीं। हमारी प्राथमिकता हमेशा लोगों के हित में हर-समावेशी प्रगति रही है।”
📌 मुख्य औपचारिक बिंदु
- मोदी ने इस सत्र की शुरुआत में भारतीय संसद से कहा कि सरकार केवल कागजात तक सीमित नहीं है बल्कि “वांछित परिणाम तक पहुँचना सुनिश्चित कर रही है।”
- उन्होंने हाल ही में भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को “महत्वपूर्ण उपलब्धि और लंबे समय से चली आ रही बातचीत का ऐतिहासिक परिणाम” बताया। यह समझौता 27 यूरोपीय देशों के लिए भारतीय उत्पादों को ड्यूटी-फ्री पहुंच प्रदान करेगा।
- प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ से संबद्ध बाजारों में भारतीय उत्पादों के अवसरों पर जोर देते हुए कहा कि यह एक आत्मविश्वासी भारत का प्रतीक है और दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है।
- उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संयुक्त संसद सत्र को संबोधित करना 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास और युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतीक है।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत नवां बजट पेश करने वाली पहली महिला वित्त मंत्री होने के कारण मोदी ने इसे लोकतंत्र के एक और महान पल के रूप में भी वर्णित किया।