दो भारतीय एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार

नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के दो एलपीजी (LPG) गैस वाहक जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों के सुरक्षित पार होने से देश में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ को ईरान की ओर से विशेष अनुमति दी गई थी, जिसके बाद वे होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत के लिए रवाना हुए। इन जहाजों में करीब 92,700 टन एलपीजी लदी हुई है, जो भारत के बंदरगाहों पर 16 और 17 मार्च तक पहुंचने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।

भारत सरकार लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फंसे हुए भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में अभी भी कई भारतीय जहाज मौजूद हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दो जहाजों का सुरक्षित पार होना भारत के ऊर्जा आपूर्ति तंत्र के लिए महत्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि देश अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आयात करता है।

 

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