चारधाम यात्रा में अब हाईटेक निगरानी — 19 अप्रैल से श्रद्धालुओं के लिए RFID ट्रैकिंग अनिवार्य

देहरादून,:
उत्तराखंड सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा में श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस तकनीक के जरिए हर यात्री की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी। यह व्यवस्था खासतौर पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और ट्रैकिंग को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

चारधाम यात्रा—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। इस बार भी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना है, जिसे देखते हुए सरकार ने सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किया है।

RFID सिस्टम के तहत श्रद्धालुओं को एक विशेष टैग या कार्ड दिया जाएगा, जिसे यात्रा के दौरान अपने साथ रखना अनिवार्य होगा। इसके जरिए प्रशासन को रियल-टाइम डेटा मिलेगा और लापता या फंसे यात्रियों की पहचान और सहायता आसान हो सकेगी।

सरकार पहले ही यात्रा को सुगम बनाने के लिए कई डिजिटल और सुरक्षा उपाय लागू कर चुकी है, जिनमें QR कोड, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं।

प्रशासन का कहना है कि इस नई तकनीक से यात्रा को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

 

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