तमिलनाडु में सत्ता गठन पर सस्पेंस बरकरार, विजय के अगले कदम पर टिकी सबकी नजर
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से अभी भी कुछ सीटें दूर है। इसी बीच “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स”, सुरक्षा हटाए जाने और शपथ ग्रहण में देरी ने राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने डीएमके से अलग होकर TVK को समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे विजय खेमे की संख्या बढ़कर 113 तक पहुंच गई है। हालांकि सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों के समर्थन का आंकड़ा अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। इसी कारण राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने अभी तक विजय को सरकार गठन के लिए औपचारिक न्योता नहीं दिया है।
राजनीतिक अनिश्चितता के बीच एआईएडीएमके ने अपने विधायकों को संभावित टूट-फूट से बचाने के लिए पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में इसे “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं विजय के संभावित शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। खबरों के मुताबिक, विजय के नीलांकरई स्थित आवास से अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा और बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
इस बीच वीसीके और वामदलों ने विजय के नेतृत्व में सरकार गठन का समर्थन किया है। वीसीके प्रमुख Thol Thirumavalavan ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि विजय को सरकार बनाने का अवसर दिया जाए और सदन में बहुमत साबित करने का मौका मिले।
तमिलनाडु की राजनीति में यह स्थिति बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। अब सबकी नजर विजय की अगली रणनीति, संभावित गठबंधनों और राज्यपाल के फैसले पर टिकी हुई है, जो राज्य की अगली सरकार की दिशा तय करेगा।
IANS -PIC credit