NEET-UG री-टेस्ट को 100% त्रुटि मुक्त बनाने का लक्ष्य, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिए सख्त निर्देश
नई दिल्ली, संवाददाता।
NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अब री-टेस्ट को पूरी तरह त्रुटि मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट कहा है कि आगामी पुनः परीक्षा (री-टेस्ट) “100 प्रतिशत error-free” होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बताया जा रहा है कि शिक्षा मंत्री ने इस संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की तैयारियों का आकलन किया गया। बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत सुधारों पर जोर दिया गया।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पिछली परीक्षा में हुई चूक को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इसमें प्रश्न पत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दोबारा न हो सके।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए सरकार ने री-टेस्ट कराने का निर्णय लिया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार “जीरो एरर, जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत काम कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी योग्य छात्र के साथ अन्याय न हो।
अब सभी की नजरें आगामी री-टेस्ट पर टिकी हैं, जिसे सरकार निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।