नीति आयोग बैठक में बिहार की बड़ी मांग: शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन परियोजनाओं पर जोर
राज्य ने विकास के लिए केंद्र से मांगा सहयोग, रोजगार और आर्थिक वृद्धि को लेकर रखा रोडमैप
By Anirudh Narayan, Intern
नई दिल्ली/पटना:
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में बिहार ने शिक्षा, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और पर्यटन क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग की मांग उठाई। राज्य ने इन तीन प्रमुख क्षेत्रों को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बताया और इनके जरिए रोजगार सृजन तथा आर्थिक मजबूती का लक्ष्य रखा।
शिक्षा और कौशल विकास पर खास जोर
बैठक में बिहार सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य की युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके तहत आधुनिक प्रशिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल ट्रेनिंग) और रोजगार उन्मुख कार्यक्रमों को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में कौशल विकास को बढ़ावा देने से रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।
पर्यटन को बनाया विकास का इंजन
बिहार ने बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा कि राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को विकसित कर पर्यटन को रोजगार का बड़ा स्रोत बनाया जा सकता है।
इस दिशा में पहले भी पर्यटन आधारित रोजगार मॉडल पर काम किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय युवाओं को गाइड, हॉस्पिटैलिटी और अन्य सेवाओं से जोड़ने की योजना शामिल है।
केंद्र से सहयोग की मांग
राज्य सरकार ने इन परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्र से वित्तीय और नीतिगत समर्थन की मांग की।
नीति आयोग की बैठक का मुख्य उद्देश्य भी राज्यों के साथ मिलकर “विकसित भारत” के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है, जिसमें रोजगार, शिक्षा और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।