‘Alpha’ रिव्यू  YRF स्पाई यूनिवर्स की सबसे कमजोर कड़ी, कहानी से ज्यादा दिखावा

मुंबई, 5 जुलाई: बॉलीवुड के चर्चित YRF स्पाई यूनिवर्स की नई फिल्म ‘Alpha’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरने में पूरी तरह नाकाम साबित होती है। बड़े बजट, बड़े स्टार्स और हाई-ऑक्टेन एक्शन के बावजूद फिल्म न तो एक मजबूत स्पाई थ्रिलर बन पाती है और न ही मनोरंजन का संतुलन साध पाती है।

कहानी (Plot):
फिल्म की कहानी भारत में नकली पहचान के साथ रह रहे पाकिस्तानी एजेंट्स के इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि यह विचार नया लग सकता है, लेकिन इसकी प्रस्तुति बेहद कमजोर और पूर्वानुमानित है। कहानी में कोई गहराई या ठोस ट्विस्ट नजर नहीं आता।

लेखन (Writing):
फिल्म पूरी तरह YRF स्पाई यूनिवर्स के पुराने फॉर्मूले पर चलती है। स्क्रिप्ट में नयापन नहीं है और घटनाएं इतनी अनुमानित हैं कि दर्शक पहले से ही सब समझ जाते हैं। लॉजिक की कमी और केवल स्टाइल पर फोकस फिल्म को और कमजोर बनाता है।

स्क्रीनप्ले और पेसिंग:
फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ है। पहले हाफ में सिर्फ चमक-दमक भरे दृश्य हैं, जबकि दूसरे हाफ में अविश्वसनीय ड्रामा हावी हो जाता है। पेसिंग इतनी खराब है कि फिल्म कई जगह बोझिल लगने लगती है।

अभिनय (Performances):
आलिया भट्ट इस फिल्म में पूरी तरह मिसकास्ट नजर आती हैं। उनका ‘टफ स्पाई’ अवतार न तो प्रभावी है और न ही विश्वसनीय। शारवरी का किरदार अच्छा हो सकता था, लेकिन उसे साइड रोल तक सीमित कर दिया गया है।
बॉबी देओल को एक बेहद कमजोर और प्रभावहीन विलेन के रूप में पेश किया गया है, जिसमें न डर है, न गहराई।

तकनीकी पक्ष (Technical Aspects):
फिल्म का CGI बेहद खराब है और कई सीन वीडियो गेम जैसे लगते हैं। एडिटिंग भी असंगत है, जिससे कहानी का प्रवाह टूटता रहता है।

म्यूजिक और गाने:
बैकग्राउंड म्यूजिक जरूरत से ज्यादा तेज और असरहीन है। गाने फिल्म का हिस्सा कम और विज्ञापन ज्यादा लगते हैं, जो कहानी से दर्शकों का ध्यान भटकाते हैं।

एक्शन और ग्लैमर:
एक्शन सीक्वेंस भी कमजोर हैं और कई जगह बिना तर्क के लगते हैं। वहीं, फिल्म में जबरदस्ती ग्लैमर डालने की कोशिश कहानी को और नुकसान पहुंचाती है।

स्पाई यूनिवर्स पर सवाल:
फिल्म YRF स्पाई यूनिवर्स को आगे बढ़ाने में भी असफल रहती है। कहानी का बाकी फिल्मों से कोई मजबूत कनेक्शन नहीं दिखता, जिससे ‘यूनिवर्स’ की अवधारणा पर ही सवाल खड़े होते हैं।

निष्कर्ष (Final Verdict):
‘Alpha’ एक ऐसी फिल्म है जो हर मोर्चे पर विफल साबित होती है—चाहे वह कहानी हो, अभिनय हो या तकनीकी पक्ष। यह फिल्म दर्शकों के समय और पैसे दोनों की बर्बादी है।

रेटिंग: ⭐✨ (1.5/5)

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