पंडवानी की स्वर-सम्राज्ञी तीजन बाई का निधन, पीएम मोदी बोले—‘कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति’

रायपुर/नई दिल्ली, एजेंसी:
प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित लोक कलाकार तीजन बाई का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन से देश के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

तीजन बाई को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय दिया जाता है। महाभारत की कथाओं पर आधारित इस कला को उन्होंने अपनी दमदार आवाज, नाटकीय प्रस्तुति और प्रभावशाली मंच शैली के जरिए नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तीजन बाई का जाना कला और संस्कृति की दुनिया के लिए “अपूरणीय क्षति” है। पीएम ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।

तीजन बाई का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ था और उन्होंने कम उम्र से ही पंडवानी गाना शुरू कर दिया था। वह इस परंपरा में महिलाओं के लिए राह खोलने वाली अग्रणी कलाकारों में से एक थीं। अपने लंबे करियर में उन्होंने देश-विदेश में कई मंचों पर प्रस्तुति दी और भारत की लोक परंपरा को विश्व स्तर पर स्थापित किया।

उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया था। उनका निधन भारतीय लोककला के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

**(समाचार डेस्क)**

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