छह साल बाद नाथुला दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार फिर शुरू, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

नई दिल्ली/गंगटोक : भारत और चीन के बीच ऐतिहासिक नाथुला दर्रे के जरिए सीमा व्यापार छह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद फिर से शुरू हो गया है। कोविड-19 महामारी और सीमा तनाव के कारण वर्ष 2020 से यह व्यापार पूरी तरह ठप था, जिसे अब पुनः बहाल किया गया है।

नाथुला दर्रा, जो सिक्किम में स्थित है और प्राचीन सिल्क रूट का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत अहम माना जाता है। व्यापार शुरू होने के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। दोनों देशों के बीच 2025 में हुए समझौते के बाद इस व्यापार को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया तेज हुई थी।

जानकारी के मुताबिक, शुरुआती चरण में सीमित संख्या में व्यापारियों को अनुमति दी जा रही है और व्यापारिक वस्तुओं की सूची को लेकर भी विस्तार की मांग उठ रही है। आने वाले समय में इस व्यापार को और व्यापक बनाने की योजना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नाथुला दर्रे के जरिए व्यापार बहाल होने से न केवल सिक्किम बल्कि अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और संपर्क भी बढ़ेगा।

बताया जा रहा है कि सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और व्यापार प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए भी कदम उठा रही है, जिससे भविष्य में अधिक व्यापारियों को लाभ मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *