झारखंड में ‘जन्तर-मन्तर’ जैसे हालात: JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ियों पर हेमंत सोरेन सरकार घिरी
रांची : झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।
राजधानी रांची में छात्र और अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी है, जिसे विपक्ष ‘झारखंड का अपना जन्तर-मन्तर’ बता रहा है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियां, पेपर लीक, परिणामों में देरी और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। इन मुद्दों को लेकर CBI जांच की मांग भी तेज हो गई है।
हालिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि कुछ परीक्षाओं में सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे गए और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई तरह की शिकायतें दर्ज की गईं, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ी है।
राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल हेमंत सोरेन सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से जांच और सुधार की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है और सरकार के सामने इसे बहाल करना बड़ी चुनौती बन गया है।
गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। ऐसे में मौजूदा विरोध प्रदर्शन सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं कि वह पारदर्शी और विश्वसनीय भर्ती प्रणाली सुनिश्चित करे।
IANS – PIC