‘आंगेन’ को राष्ट्रीय पुरस्कार, संथाली सिनेमा को मिली नई पहचान
नई दिल्ली, संवाददाता।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में संथाली फिल्म ‘आंगेन (इनविज़िबल)’ को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक का सम्मान मिलने के बाद क्षेत्रीय सिनेमा में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। इस फिल्म के निर्देशक रवि राज मुर्मू को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है, जिससे संथाली फिल्म उद्योग पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिने जाते हैं, जहां विभिन्न भाषाओं और शैलियों की फिल्मों को सम्मानित किया जाता है। ऐसे में ‘आंगेन’ की यह उपलब्धि न केवल एक फिल्म की सफलता है, बल्कि पूरे संथाली सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ‘आंगेन’ ने अपनी सशक्त कहानी और अलग प्रस्तुति के जरिए जूरी का ध्यान आकर्षित किया। इस सम्मान के बाद अब संथाली भाषा की फिल्मों को देशभर में पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
फिल्म जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुरस्कार क्षेत्रीय और आदिवासी भाषाओं के सिनेमा को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल नए फिल्मकारों को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि विविध सांस्कृतिक कहानियों को भी व्यापक मंच मिलेगा।
गौरतलब है कि इस बार के राष्ट्रीय पुरस्कारों में हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का खिताब मिला, जबकि कई अन्य भाषाओं की फिल्मों ने भी अलग-अलग श्रेणियों में अपनी छाप छोड़ी।
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