राघोपुर में बाढ़ का कहर, 20 पंचायतों के 74 गांव डूबे; राहत के इंतजार में हजारों लोग
वैशाली: बिहार में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। राघोपुर प्रखंड की करीब 20 पंचायतों के 74 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क टूटा
गंगा का पानी बढ़ने के साथ राघोपुर दियारा के कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कई जगहों पर लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
राहत और सुरक्षित ठिकाने की चिंता
बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित स्थान, भोजन, पीने के पानी और जरूरी सामान की है। पानी बढ़ने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्थानीय स्तर पर राहत की मांग भी तेज हो रही है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज किया है। 6 NDRF और 27 SDRF टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है, जबकि करीब 693 सरकारी नावें राहत, बचाव और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए संचालित की जा रही हैं। वैशाली में भी राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जा रही है।
राघोपुर में सियासत भी तेज
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने क्षेत्र का दौरा कर सरकार पर राहत और बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं, प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी और राहत कार्यों का दावा किया जा रहा है।
बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से राघोपुर के ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। लोगों की नजर अब प्रशासन की राहत व्यवस्था और जलस्तर में संभावित कमी पर टिकी है।