झारखंड हाईकोर्ट के फैसले से छात्रों में फिर आक्रोश, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने राज्यव्यापी आंदोलन का किया ऐलान
रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 11वीं और 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद आंदोलनकारी छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्यभर में नए सिरे से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
रिफॉर्म मंच का आरोप है कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रभावी तरीके से अपना पक्ष अदालत के सामने नहीं रखा। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से वे पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम से उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।
राज्यभर में प्रदर्शन की तैयारी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने राज्य के विभिन्न जिलों में आंदोलन और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। मंच से जुड़े छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्र संगठनों का यह भी कहना है कि परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि यदि अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इसका सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ेगा।
हाईकोर्ट के आदेश से बढ़ी सियासी हलचल
झारखंड सरकार ने कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच कई भर्ती परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसके बाद जहां आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया था, वहीं सफल अभ्यर्थियों ने परीक्षा और नियुक्तियां रद्द किए जाने के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया था।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मामला एक बार फिर दो पक्षों के बीच खिंच गया है। एक तरफ परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच और कार्रवाई की मांग करने वाले छात्र हैं, तो दूसरी ओर सफल अभ्यर्थी अपनी नियुक्तियों को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
सरकार के सामने दोहरी चुनौती
हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार के सामने भर्ती परीक्षाओं को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने और सफल अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने की दोहरी चुनौती है। वहीं, आंदोलनकारी छात्र अब सरकार से स्पष्ट जवाब और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रिफॉर्म मंच के राज्यव्यापी आंदोलन के ऐलान के बाद झारखंड में भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में छात्रों के आंदोलन और सरकार की अगली कानूनी रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।