सड़कों से संसद तक CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ‘आर-पार’ की लड़ाई, इस्तीफे की मांग तेज
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध अब सड़कों से संसद तक पहुंच गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की है।
INDIA गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि SIR के नाम पर मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहे हैं।
संसद से सड़क तक आंदोलन की तैयारी
विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर आवाज बुलंद करने का फैसला किया है। दिल्ली में विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन आयोग की ओर मार्च भी निकाला। पुलिस ने मार्च को बीच रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया।
विपक्ष की प्रमुख मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को वापस लेना और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
बिहार से शुरू हुआ SIR विवाद
SIR को लेकर सबसे ज्यादा राजनीतिक विवाद बिहार में देखने को मिला, जहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अब यही मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों की आपत्तियों और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। वहीं चुनाव आयोग लगातार विपक्ष के आरोपों को खारिज करता रहा है और प्रक्रिया को नियमों के तहत किए जाने की बात कहता है।
संसद में भी सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्ष अब इस मुद्दे को संसद में भी जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। INDIA गठबंधन के नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों पर वह पीछे नहीं हटेगा।
इस बीच CEC के खिलाफ विपक्ष की लामबंदी ने दिल्ली की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के साथ-साथ सड़कों पर भी बड़ा राजनीतिक टकराव बन सकता है।