नशे के खिलाफ आवाज उठाना पंजाब में मौत की सजा बन गया है: राहुल गांधी
नई दिल्ली। पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है और उनकी जान तक जा रही है।
दिनदहाड़े गोली मारकर की गई थी हत्या
रिपोर्ट के अनुसार, मानसा में परविंदर सिंह झोटा की दो दिन पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा नशे के खिलाफ ‘नशा रोको, रोजगार दो’ अभियान चला रहे थे। बताया गया कि उन्होंने एक मेडिकल स्टोर संचालक से कथित तौर पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री को लेकर सवाल किया था। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और फायरिंग में उनकी जान चली गई। घटना का वीडियो फेसबुक लाइव पर भी सामने आया।
राहुल गांधी ने सरकार से पूछा सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट कर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं तो पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई कौन लड़ेगा।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में मानसा के झोटा हत्याकांड के अलावा संगरूर के गुलजार सिंह और मोहन्जीत सिंह से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि नशे के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों को कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया।
शिकायतकर्ता पर ही FIR का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि झोटा मामले में शिकायत करने के बाद पुलिस ने कथित तौर पर उसी कार्यकर्ता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की थी। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब शिकायतकर्ता ही आरोपी बना दिया जाए तो नशा तस्करों में कानून का डर कैसे रहेगा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस नशे के खिलाफ लड़ने वालों के साथ खड़ी है और पंजाब में कथित अवैध ड्रग्स नेटवर्क को खत्म किए जाने तक पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी।