बाढ़ से तबाह खेतों पर सरकार का मरहम! किसानों को मिलेंगे ₹18 हजार प्रति हेक्टेयर, 22 जिलों में होगा सर्वे

पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में जमा बालू, रेत और गाद हटाकर जमीन को दोबारा खेती योग्य बनाने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार के प्रावधान के तहत पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपये की सहायता मिलेगी।

कम से कम ₹2,200 की सहायता

सरकार के मुताबिक पात्र किसान को न्यूनतम 2,200 रुपये की सहायता राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य उन किसानों की मदद करना है जिनके खेतों में बाढ़ के बाद बड़ी मात्रा में बालू, रेत या गाद जमा हो गई है और खेती शुरू करने में अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।

22 जिलों में जमीन का होगा सत्यापन

मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग ने 22 जिलों के जिलाधिकारियों को प्रभावित कृषि भूमि और मत्स्य प्रक्षेत्रों का स्थलीय सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। सर्वे के दौरान खेतों में जमा बालू, रेत और गाद की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर सहायता राशि की मांग की जाएगी।

पटना से खगड़िया, कोसी क्षेत्र तक राहत

इस योजना के दायरे में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, अरवल, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल और सहरसा शामिल हैं।

फसल नुकसान से अलग मिलेगी यह मदद

सरकार हर साल बाढ़ से फसल बर्बाद होने वाले किसानों को कृषि इनपुट अनुदान देती है। लेकिन जिन किसानों की फसल नष्ट होने के बजाय खेत में बालू या गाद जमने से जमीन प्रभावित हुई, उन्हें इस तरह की सहायता का लाभ नहीं मिल पाता था। अब ऐसे किसानों को भी जमीन सुधारने के लिए आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।

TWM News Bihar | पटना

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