‘वोट चोरी’ के आरोपों पर रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, BJP और CEC पर विपक्षी नेताओं का तीखा हमला

नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान विपक्षी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई।

रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और माकपा महासचिव एमए बेबी सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

राहुल गांधी: वोट चोरी देश की आवाज चुराने जैसा

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह केवल चुनावी अनियमितता नहीं, बल्कि देश के नागरिकों की आवाज छीनने जैसा है।

राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और जेल भेजे जाने की चेतावनी भी दी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल हैं और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी।

ममता बनर्जी: SIR के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल इस प्रक्रिया से प्रभावित हो रहा है। ममता ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और कथित तौर पर मतदाताओं के अधिकारों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेगी।

अखिलेश यादव: बदलाव कभी भी आ सकता है

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि देश के लोग अब कथित वोट छीनने वालों और खोखले वादों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। अखिलेश ने कहा कि जनता का फैसला कभी भी राजनीतिक बदलाव ला सकता है।

मल्लिकार्जुन खरगे: लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा जरूरी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष मतदाताओं के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। गठबंधन के नेताओं ने CEC के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाए जाने की मांग भी दोहराई।

तेजस्वी यादव समेत अन्य नेताओं ने भी उठाए सवाल

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं को सामने रखा। वहीं, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और माकपा महासचिव एमए बेबी ने भी विपक्ष के विरोध का समर्थन किया। नेताओं का आरोप था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और इससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

SIR और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सियासी टकराव

विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि पात्र मतदाताओं के पास सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया उपलब्ध है।

इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज हो रहा है। रामलीला मैदान की रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने साफ संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को आने वाले दिनों में भी राजनीतिक और संसदीय मंचों पर उठाता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *