पीएम मोदी ने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन का किया उद्घाटन, बिहार की ओर से सीएम सम्राट चौधरी हुए शामिल
130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि ले रहे हिस्सा, बिहार ने वैश्विक मंच पर रखी अक्षय ऊर्जा और निवेश की संभावनाएं
पटना/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026’ का उद्घाटन किया। इस वैश्विक आयोजन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए। चार दिवसीय सम्मेलन 2 से 5 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य विषय ‘निवेश करें, नवाचार करें और प्रेरित करें’ रखा गया है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा यानी स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करना, नई तकनीकों को बढ़ावा देना और विभिन्न देशों के बीच औद्योगिक एवं तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना है।
130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी
आयोजन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इनमें 40 से ज्यादा मंत्री, नीति-निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन इसमें साझेदार के रूप में भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के दौरान सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी नई तकनीकों पर चर्चा होगी। एक्सपो में 400 से अधिक प्रदर्शकों के अपनी तकनीक और उत्पादों का प्रदर्शन करने की योजना है।
बिहार समेत 13 राज्यों को मिलेगा निवेश का मंच
इस आयोजन में बिहार सहित 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, निवेश के अवसरों और विनिर्माण संभावनाओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। इसमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी को बिहार के लिए स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मंच के माध्यम से राज्य अपनी ऊर्जा क्षमता और निवेश के अनुकूल अवसरों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने रख सकता है।
सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन पर भी चर्चा
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन के साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की नौवीं असेंबली और हरित हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित हो रहा है। इन आयोजनों में सौर ऊर्जा के विस्तार, ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक, वित्तीय सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को बड़े स्तर पर लागू करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य इस सम्मेलन के जरिए वैश्विक निवेश, तकनीकी साझेदारी और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को गति देना है।