हंसरपुरी में भड़की हिंसा, कई वाहन फूंके, मकानों में तोड़फोड़
पुलिस ने शहर में लगाई निषेधाज्ञा, सीपी रवींद्र सिंगल ने दी जानकारी
नागपुर। शहर में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को महल के चितनिस पार्क इलाके में भड़की हिंसा के बाद मंगलवार रात हंसरपुरी इलाके में फिर से बवाल हो गया। यहां उग्र भीड़ ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया और कई मकानों एवं एक क्लीनिक में तोड़फोड़ की। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए पूरे शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
पुलिस कमिश्नर (सीपी) डॉ. रवींद्र सिंगल ने बताया कि शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की गई है, जिससे मजिस्ट्रेट को सार्वजनिक शांति भंग होने या हिंसा की आशंका होने पर तुरंत रोकथाम के आदेश देने का अधिकार मिलता है।
रातभर मची रही अफरा-तफरी
घटना मंगलवार रात करीब 10:30 बजे की है। हंसरपुरी इलाके में अचानक एक उग्र भीड़ ने घरों, दुकानों और वाहनों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने करीब एक घंटे तक उत्पात मचाया। इस दौरान कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और एक क्लीनिक एवं कुछ घरों में तोड़फोड़ की गई।
घायल हुए लोग, दुकानों में लूटपाट
हंसरपुरी निवासी शरद गुप्ता (50) ने बताया कि उनके घर के सामने खड़ी चार दोपहिया गाड़ियां भीड़ ने आग के हवाले कर दीं। उन्होंने बताया कि भीड़ ने उनके पड़ोसी की दुकान में भी तोड़फोड़ की। इस हमले में शरद घायल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस घटनास्थल पर एक घंटे की देरी से पहुंची।
लोगों ने छोड़ा घर, सुरक्षित स्थान पर गए
हिंसा के डर से कई लोग देर रात अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हो गए। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हिंसा के दौरान कई परिवार अपने घरों को बंद कर चले गए।
क्लीनिक और चाय की दुकान में तोड़फोड़
हंसरपुरी स्थित एक क्लीनिक में भीड़ ने जमकर तोड़फोड़ की। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भीड़ ने क्लीनिक में घुसकर टेबल, दवाइयां और अन्य सामान तोड़ डाला। वहीं, पास की एक चाय दुकान में भी लूटपाट की गई।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हिंसा के बाद पुलिस ने हंसरपुरी में भारी संख्या में बल तैनात कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च किया और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।