भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों पर राजनाथ सिंह और तुलसी गबार्ड की वार्ता

नई दिल्ली, 17 मार्च – भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के बीच सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस मुलाकात में दोनों देशों के रक्षा सहयोग को मजबूत करने और खुफिया जानकारी साझा करने की प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।

राजनाथ सिंह ने वार्ता के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बातचीत विभिन्न अहम विषयों पर केंद्रित रही, जिसमें रक्षा सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान को गति देने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और गहरा बनाने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।

रायसीना डायलॉग में करेंगी संबोधन
गबार्ड इन दिनों बहुदेशीय दौरे पर हैं, जिसमें भारत उनकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह अपने एशियाई दौरे के अंतर्गत 18 मार्च को नई दिल्ली में होने वाले रायसीना डायलॉग में भी शामिल होंगी। यह वार्षिक सम्मेलन वैश्विक सुरक्षा और नीतिगत विषयों पर चर्चा के लिए दुनियाभर के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गबार्ड को इस प्रतिष्ठित आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। इससे पहले, उन्होंने शनिवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से भी मुलाकात की थी, जिसमें भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग और साझा वैश्विक हितों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता
गबार्ड की यह भारत यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अमेरिका यात्रा के बाद हो रही है, जहां उन्होंने गबार्ड से मुलाकात कर उन्हें भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूत समर्थक बताया था। गबार्ड ने भी मोदी से मिलकर इस साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

अपनी भारत यात्रा के दौरान गबार्ड ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के अध्यक्ष समीर सरन के साथ एक विशेष परिचर्चा में भी भाग लेंगी। इस दौरान वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा।

रायसीना डायलॉग का शुभारंभ आज
नई दिल्ली में आज से शुरू हो रहे 10वें रायसीना डायलॉग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लकसन शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय और ओआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सम्मेलन में वैश्विक भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र के प्रमुख मुद्दों पर विमर्श होगा।

तीन दिवसीय यह आयोजन 17 से 19 मार्च तक चलेगा और इसमें दुनिया के तमाम नीति-निर्माता, विशेषज्ञ और विचारक हिस्सा लेंगे। भारत-अमेरिका के बढ़ते रक्षा संबंधों के मद्देनजर गबार्ड की इस यात्रा को कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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