भारत में पहला रेसुसिटेशन एकेडमी हैदराबाद में खुला, हृदयगति रुकने के मामलों में बचाव दर को बढ़ाने के लिए खास पहल
हैदराबाद, 16 मार्च:
भारत में पहली बार हैदराबाद में रेसुसिटेशन एकेडमी की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य अचानक हृदयगति रुकने (SCA) के मामलों में जीवन रक्षण की दर को बढ़ाना है। यह एकेडमी हृदयगति रुकने के मामलों में सुधार के लिए CPR (कार्डियोपल्मोनरी रेसुसिटेशन), डेफिब्रिलेशन और एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट जैसी तकनीकों के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान करेगी।
यह पहल हैदराबाद स्थित EMRI ग्रीन हेल्थ सर्विसेज (EMRI GHS) द्वारा शुरू की गई है, जो एक गैर-लाभकारी संगठन है और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी मानी जाती है। यह एकेडमी वैश्विक रेसुसिटेशन अलायंस (GRA) के तहत 30 अन्य देशों के रेसुसिटेशन अकादमियों के नेटवर्क का हिस्सा बनेगी, जिससे भारत भी इस अंतर्राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा बन जाएगा।
भारत में अचानक हृदयगति रुकने की स्थिति
भारत में हर साल लगभग 12 लाख मामले अचानक हृदयगति रुकने (SCA) के सामने आते हैं, लेकिन यहां CPR के प्रति जागरूकता बेहद कम है। ज्यादातर लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाती, जैसे कि रेसुसिटेशन, जो उनके जीवन को बचा सकती है।
रेसुसिटेशन एकेडमी का उद्देश्य
रेसुसिटेशन एकेडमी का मुख्य उद्देश्य हृदयगति रुकने के मामलों में जीवन बचाने की दर को बढ़ाना है। इसकी स्थापना अमेरिका के सिएटल में हुई थी और अब भारत में इसे शुरू किया गया है। यह एकेडमी आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च-प्रदर्शन CPR तकनीकों पर प्रशिक्षण देने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
एकेडमी का एक अन्य प्रमुख लक्ष्य सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देना है, खासकर CPR प्रशिक्षण और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डेफिब्रिलेटर (AEDs) के उपयोग के लिए। इसके अलावा, यह कार्यक्रम आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (EMS) की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और हृदयगति रुकने के प्रबंधन में अनुसंधान और डेटा के उपयोग पर भी जोर देगा।
EMRI GHS का योगदान
EMRI GHS की सेवाओं का संचालन 17,000 से अधिक एम्बुलेंसों के साथ किया जाता है, जो देशभर में 100 करोड़ से अधिक आपात स्थितियों में मदद कर चुकी हैं। अब तक, इस संस्था की एम्बुलेंस सेवाओं ने 80 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और 7.5 लाख से अधिक डिलीवरी में मदद की है।
तेलंगाना सरकार का समर्थन
इस उद्घाटन के दौरान तेलंगाना के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त आरवी कर्णन ने राज्य में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की मजबूती के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “तेलंगाना में प्रति 64,500 लोगों पर एक एम्बुलेंस उपलब्ध है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हमारा लक्ष्य इसे 50,000 लोगों पर एक एम्बुलेंस तक लाना है।”
भारत में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और सशक्त बनाने की दिशा में तेलंगाना सरकार का समर्थन
तेलंगाना सरकार, विश्व बैंक की मदद से राज्य में 100 ट्रॉमा केयर सेंटर्स स्थापित कर रही है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया क्षमताओं को और सशक्त किया जा सके।
यह पहल हृदयगति रुकने के मामलों में जीवन रक्षण की दर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भारत को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में एक नया मुकाम हासिल कराएगी।