झूठ के प्रयोग पर राहुल गांधी का वार :

कहा, मोदी की आत्मकथा का नाम होना चाहिए ‘My Experiment with Lies’
संविधान बचाओ रैली में बोले राहुल – सत्ता में आए तो तोड़ेंगे 50% आरक्षण की सीमा, करेंगे जातीय जनगणना

Photo Credit – Bihar Congress X Handle.

पटना।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को बिहार की राजधानी पटना से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। ‘संविधान बचाओ’ रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी अपनी आत्मकथा लिखें, तो उसका नाम ‘My Experiment with Lies’ (मेरे झूठ के प्रयोग) होना चाहिए, जो महात्मा गांधी की आत्मकथा ‘My Experiments with Truth’ (मेरे सत्य के प्रयोग) का उल्टा रूप होगा।

राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर संविधान को कमजोर करने, आरक्षण की सीमा का झूठा प्रचार करने और गरीबों, दलितों, पिछड़ों को सत्ता और संसाधनों से दूर रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह संविधान गांधी, अम्बेडकर और नेहरू की सोच का प्रतीक है, सावरकर की नहीं। गांधीजी ने सत्य के प्रयोग किए, मोदीजी झूठ के।”

जातीय जनगणना पर जोर, 50% सीमा को तोड़ने का ऐलान
राहुल गांधी ने बिहार सरकार द्वारा कराई गई जातीय गणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में अतिपिछड़ी जातियां 36%, पिछड़े 27% और दलित 19% हैं, लेकिन नौकरियों और प्रशासन में इनकी हिस्सेदारी बेहद कम है। उन्होंने एलान किया, “हम सत्ता में आए तो आरक्षण पर लगी 50% की सीमा को तोड़ देंगे, ताकि वंचित वर्गों को उनका हक मिल सके।”

उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर जातीय जनगणना की मांग की और तेलंगाना सरकार की जनगणना प्रक्रिया की तारीफ करते हुए स्वीकारा कि कांग्रेस ने पहले यह गलती की थी, लेकिन अब इसे सुधारा जाएगा।

बदलाव का संकेत : बिहार कांग्रेस में दलित नेतृत्व को बढ़ावा
राहुल ने कांग्रेस की बिहार इकाई में दलित विधायक राजेश कुमार को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी अब वास्तविक समावेश की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह बदलाव पुराने सवर्ण नेतृत्व को हटाकर नए सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा में राहुल का युवाओं से संवाद
पटना से पहले राहुल गांधी ने बेगूसराय में ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा में हिस्सा लिया। सफेद टी-शर्ट में हजारों युवाओं के साथ सड़कों पर पैदल चलते राहुल ने कहा, “बिहार के युवाओं में गहरा आक्रोश है। वे बेरोजगारी से परेशान हैं और सरकार की बेरुखी से आहत हैं।”

इस पदयात्रा में कन्हैया कुमार और नए प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार भी शामिल हुए। सोशल मीडिया पर भी राहुल ने युवाओं से सफेद टी-शर्ट पहनकर पदयात्रा में शामिल होने की अपील की थी, जिससे एकजुटता का संदेश जाए।

उन्होंने कहा, “बिहार के युवाओं में कुछ कर दिखाने की ललक है, लेकिन सरकार उन्हें अवसर नहीं दे रही। यह सिर्फ रैली नहीं, बदलाव की शुरुआत है।”

चुनावी संदेश स्पष्ट, अब रोजगार और जातीय न्याय कांग्रेस के एजेंडे में
बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका मुख्य फोकस जातीय प्रतिनिधित्व, रोजगार और युवाओं के मुद्दों पर रहेगा। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने राहुल गांधी की सक्रियता का स्वागत करते हुए कहा, “तेजस्वी यादव 2020 से ही इन मुद्दों को उठा रहे हैं। राहुल-तेजस्वी की जोड़ी NDA को हराने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।”

 

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