ब्लैक मैंगो के पौधारोपण से बच्चों में जागी हरित चेतना, लायंस क्लब ने दिलाई पर्यावरण संरक्षण की शपथ
— सरस्वती शिशु मंदिर, मुंगेरपथ में हुआ जागरूकता अभियान, संतोष कुमार ने कहा “हम विरासत रोप रहे हैं”

जमालपुर, 26 जून 2025
पर्यावरण संरक्षण को लेकर जमालपुर में एक सराहनीय पहल की गई, जब सरस्वती शिशु मंदिर, मुंगेरपथ परिसर में गुरुवार को लायंस क्लब ऑफ जमालपुर आदर्श द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में दुर्लभ एवं औषधीय गुणों से युक्त ब्लैक मैंगो का पौधा रोपा गया, जिसे बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनाया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती विद्या मंदिर, दौलतपुर, जमालपुर के उपप्रधानाचार्य संतोष कुमार ने की। उन्होंने पौधारोपण के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “हम सिर्फ वृक्ष नहीं, भविष्य के लिए हरियाली की नींव रख रहे हैं। बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना जगाना समय की मांग है। विद्यालयों को शिक्षा के साथ पर्यावरण चेतना का केंद्र भी बनना चाहिए।”

लायंस क्लब के जिला चेयरपर्सन लायन रतन कुमार घोष ने कहा, “वृक्षारोपण केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि एक सतत जनांदोलन बनना चाहिए। पौधे का संरक्षण, उसकी देखभाल उतनी ही आवश्यक है जितनी उसकी रोपाई।”

क्लब के जिला चेयरपर्सन लायन उमेश सिंह ने छात्रों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा, “जब बच्चे स्वयं वृक्ष लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं, तो उनमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता स्वतः विकसित होती है। यह अभ्यास उन्हें भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाता है।”

कार्यक्रम में सरस्वती विद्या मंदिर, दौलतपुर के कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि विद्यालयों में इस तरह के आयोजनों से बच्चों में हरित चेतना का विकास होता है और इन्हें नियमित रूप से जारी रखना चाहिए।

इस अवसर पर लायंस क्लब के अध्यक्ष लायन शिवलाल रजक, पूर्व सचिव लायन राजेश कुमार, लायन डॉ. सुमन राजा, क्लब सदस्य सोनी राजा, बाबू चौधरी, विनोद उपाध्याय, समाजसेवी पिंकी पांडेय, अरुण पांडेय, सरस्वती विद्या मंदिर, नयागांव के सचिव दिलीप पासवान सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ और पौधों की नियमित देखभाल के संकल्प के साथ किया गया।


📌 विशेष जानकारी:
ब्लैक मैंगो, जिसे औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, आज विलुप्ति की कगार पर है। ऐसे पौधों का रोपण न केवल जैव विविधता को समृद्ध करता है, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण का उपहार भी देता है।

 

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