बिहार विधानसभा मार्च को लेकर प्रशांत किशोर और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, जन सुराज ने सरकार पर बोला हमला
50 लाख बाल मजदूरों की अनदेखी का लगाया आरोप, बोले— अगर सरकार नहीं जागी तो सड़कों पर उतरेंगे
पटना। जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों के बिहार विधानसभा की ओर मार्च के दौरान मंगलवार को पुलिस के साथ तीखी झड़प हो गई। इस दौरान धक्का-मुक्की और नारेबाजी के बीच हालात कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गए।
प्रशांत किशोर ने इस विरोध मार्च के ज़रिए बिहार सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि राज्य में 50 लाख से अधिक बच्चे बाल मजदूरी करने को मजबूर हैं और सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है।
“सरकार को जगाने के लिए सड़कों पर उतरना जरूरी”
मीडिया से बात करते हुए किशोर ने कहा, “इस चिलचिलाती गर्मी में बिहार के 50 लाख से अधिक बच्चे मजदूरी कर रहे हैं और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। अगर सरकार को जगाने के लिए हमें सड़कों पर उतरना पड़े, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। हम शांति से जा रहे थे, पुलिस चाहे जो कर ले।”
सुरक्षा को लेकर फिर दोहराया पुराना रुख
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने 21 जुलाई को गोपालगंज में मीडिया से बातचीत के दौरान भी यह स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें किसी भी प्रकार की सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “जब बिहार का युवा बिना सुरक्षा के चल सकता है, तो प्रशांत किशोर भी चल सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से बिहार के गांव-गांव घूम रहे हैं और उन्होंने पूरी तरह से यह निर्णय लिया है कि वह किसी सुरक्षा घेरे के बिना ही जन संपर्क करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे बिहार की जनता पर पूरा भरोसा है कि वे मेरी सुरक्षा के लिए खड़े रहेंगे।”
पुलिस पर गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने बिहार पुलिस और प्रशासन पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब तक बिहार पुलिस शराब और बालू माफियाओं से पैसे वसूलने में व्यस्त रहेगी, तब तक राज्य की कानून व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।”
टीम रिपोर्ट | टीडब्ल्यूएम न्यूज, पटना