पक्का मकान की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं बेघर महिलाएं, काली पट्टी बांध कर जताया विरोध
‘अब नहीं चाहिए आश्वासन, चाहिए पक्का मकान’—जमालपुर में गरजीं आवास विहीन महिलाएं

जमालपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक पक्का मकान नहीं मिलने से नाराज नगर परिषद जमालपुर क्षेत्र की भूमिहीन और आवास विहीन महिलाओं ने बुधवार को काले बैनर, तख्ती और काली पट्टी के साथ विरोध प्रदर्शन किया। “बेघरों को आखिर कब मिलेगा घर?” अभियान के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में महिलाएं सदर बाजार चौक पर जुटीं और जिला प्रशासन व नगर परिषद की उदासीनता के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अभियान समिति की उपाध्यक्ष गीता देवी और इंदु देवी ने संयुक्त रूप से किया। महिलाओं ने कहा कि वे केवल आश्वासन नहीं चाहतीं, अब उन्हें पक्के मकान चाहिए। वर्षों से सरकारी योजनाओं के नाम पर केवल वादे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।

‘घर नहीं तो चैन नहीं’ की तख्तियों के साथ हुई नारेबाजी

काली पट्टी बांधे, हाथों में नारे लिखी तख्तियों और बैनरों के साथ विरोध करती महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे झुग्गी-झोपड़ियों में बेहद दयनीय स्थिति में जीवन बिता रही हैं, लेकिन नगर परिषद और जिला प्रशासन उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

बेघर महिलाओं ने घोषणा की कि यह आंदोलन केवल एक शुरुआत है। यदि प्रशासन ने उनकी मांगों की अनदेखी की तो वे चरणबद्ध तरीके से सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगी। उनका स्पष्ट संदेश है—“अब नहीं चाहिए सिर्फ वादा, अब चाहिए अपना पक्का निवास।”

सामाजिक व राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन

इस विरोध प्रदर्शन को शहर के कई सामाजिक संगठनों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और वार्ड पार्षदों का समर्थन भी मिला। वार्ड पार्षद साईं शंकर, कमल किशोर उर्फ पंकू पासवान, कामरेड मुरारी प्रसाद, विकास कुमार, आर के मंडल और दीपक कुमार सहित अन्य प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करने वाला संदेश है।

जनप्रतिनिधियों ने उठाया सवाल—कब मिलेगा योजना का लाभ?

जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएं मौजूद हैं, तो फिर इनका लाभ जरूरतमंदों तक क्यों नहीं पहुंच रहा? उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है और प्रशासन को जल्द सकारात्मक कदम उठाना होगा।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

महिलाओं के इस शांतिपूर्ण लेकिन मुखर विरोध प्रदर्शन के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ किया कि वे पीछे हटने वाली नहीं हैं और जब तक उन्हें आवास नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

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