“आस्था, सेवा और शिक्षा का संगम: ज़ेवियर यूनिवर्सिटी में सेंट इग्नाटियस जयंती पर सांस्कृतिक उल्लास”
संवाददाता, पटना
पटना। ज़ेवियर यूनिवर्सिटी, पटना में गुरुवार को सोसाइटी ऑफ जीसस के संस्थापक एवं जेसुइट शिक्षा पद्धति के आध्यात्मिक आधार स्तंभ संत इग्नाटियस ऑफ लॉयोला की जयंती पूरे श्रद्धा, गरिमा और सांस्कृतिक सौंदर्य के साथ मनाई गई। यह अवसर न केवल संत को समर्पित श्रद्धांजलि था, बल्कि “सभी चीज़ों में ईश्वर को ढूंढने” की इग्नेशियन भावना का उत्सव भी बना।
कार्यक्रम की शुरुआत दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए परिचय से हुई, जिसके पश्चात कॉलेज एंथम की मधुर प्रस्तुति ने वातावरण को भक्ति और गरिमा से भर दिया। दीप प्रज्वलन और चित्र पर माल्यार्पण कर संत को कृतज्ञता के साथ नमन किया गया।

ज़ेवियर डांस क्लब द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना नृत्य ने सभा को आध्यात्मिक भाव से स्पर्श किया। इसके बाद माननीय कुलपति फादर डॉ. मार्टिन पोरास, एसजे ने स्वागत भाषण में संत इग्नाटियस की शिक्षाओं और उनके सेवा भाव को आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताया।
एक विशेष वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से संत इग्नाटियस के जीवन, उनके संघर्ष और रूपांतरण की यात्रा को दर्शाया गया, जिसे ज़ेवियर थिएटर क्लब की भावनात्मक नाट्य प्रस्तुति ने और भी सजीव बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेवेलियर ए. जी. डी’रोज़ारियो (निदेशक, डॉन बॉस्को अकादमी) और विशिष्ट अतिथि श्री संजीव वर्मा (आईईडीएस, सहायक निदेशक, एमएसएमई, पटना) ने अपने विचारशील वक्तव्यों में इग्नेशियन मूल्यों की आज की बदलती दुनिया में प्रासंगिकता पर बल दिया।
ज़ेवियर ध्वनि क्लब द्वारा प्रस्तुत “हैप्पी फीस्ट” गीत ने उत्सव को मधुर समापन की ओर ले जाते हुए सभी के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। अंत में धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

यह आयोजन केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि एक ऐसे विचार की पुनर्पुष्टि थी जो सेवा, आत्मनिरीक्षण और आध्यात्मिकता के मूल्यों को जीवन का सार मानता है।
