अमित शाह का विपक्ष पर हमला : कहा, घुसपैठियों को नहीं मिलना चाहिए वोट देने का अधिकार
सीतामढ़ी की जनसभा में बोले गृह मंत्री – कांग्रेस और राजद कर रहे वोटर लिस्ट सुधार का विरोध, देश की लोकतंत्र प्रणाली से हो रहा खिलवाड़
पटना, संवाददाता।
बिहार के सीतामढ़ी में आयोजित एक जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद जैसे दल वोटर लिस्ट में घुसपैठियों के नाम हटाने के अभियान का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि ये दल घुसपैठियों को अपने वोट बैंक के रूप में देखते हैं। अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि “घुसपैठियों को भारत के लोकतंत्र में वोट देने का कोई अधिकार नहीं है। इन्हें मतदाता सूची से हटाया जाना जरूरी है।”
शाह का यह बयान उस समय आया है जब बिहार में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज़ है। यह अभियान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची की जांच और सुधार के लिए चलाया जा रहा है।
‘वोट चोरी मॉडल’ पर भी पलटवार
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे मतदाता सूची में की जा रही पारदर्शी प्रक्रिया से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जिस वोट चोरी मॉडल की बात कर रहे हैं, वह सिर्फ एक राजनीतिक भ्रम है। असल में हमारी सरकार लोकतंत्र की रक्षा के लिए अवैध वोटरों को हटाने का काम कर रही है।”
राहुल गांधी ने एक दिन पहले कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक फर्जी और डुप्लिकेट नामों के आरोप लगाए थे और वोटर फॉर्म-6 के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि देश में “वोट चोरी मॉडल” तेजी से फैल रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
गृह मंत्री शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया और विपक्ष पर इस अभियान का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यूपीए के शासनकाल में देश में आतंकवादी हमले आम थे। लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में अब हालात बदल चुके हैं। आतंकियों को उनके ठिकानों पर जाकर मारा गया है, और ऐसे अभियान को कांग्रेस और राजद जैसे दल सवालों के घेरे में ला रहे हैं।”
बिहार के विकास को लेकर किए बड़े दावे
जनसभा में शाह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार के कार्यकाल को राज्य के विकास के लिहाज से बेहतर बताते हुए राजद शासन को कानून व्यवस्था की दृष्टि से विफल करार दिया। उन्होंने कहा, “जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब बिहार को मात्र ₹1,132 करोड़ की योजनाएं मिलीं। वहीं, मोदी सरकार ने वर्ष 2025-26 में ₹10,066 करोड़ की राशि रेलवे के लिए स्वीकृत की है।”
शाह ने राजद पर गुंडागर्दी और अराजकता को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “राजद के शासन में बिहार में अपराध और भय का माहौल था। एनडीए सरकार ने इसे बदलकर राज्य में विकास और सुरक्षा की नई इबारत लिखी है।”
चुनाव से पहले गरमाई राजनीति
जैसे-जैसे बिहार में चुनावी माहौल बन रहा है, मतदाता सूची सुधार अभियान और अवैध वोटरों को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज होती जा रही है। भाजपा जहां इसे लोकतंत्र की सफाई का नाम दे रही है, वहीं विपक्ष इसे केंद्र की ओर से राजनीतिक निशाना साधने की साज़िश बता रहा है।
गृह मंत्री के इस दौरे ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में मतदाता सूची और घुसपैठ जैसे मुद्दे बिहार चुनाव का अहम एजेंडा बनने वाले हैं।