दोहरा वोटर और उम्र में गड़बड़ी का मामला: तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर लगाए गंभीर आरोप, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल
पटना। बिहार की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले एक नया बवाल खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा पर दोहरे मतदाता पंजीकरण और उम्र में हेरफेर का गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेजस्वी का दावा है कि विजय सिन्हा का नाम लखीसराय और पटना के बांकीपुर—दोनों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज है। लखीसराय के रिकॉर्ड में उनकी उम्र 57 वर्ष बताई गई है, जबकि बांकीपुर के रिकॉर्ड में यही उम्र 60 वर्ष दर्ज है। यह अंतर केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि चुनावी नियमों का उल्लंघन है, ऐसा तेजस्वी का कहना है।
दो अलग EPIC नंबर, दो अलग उम्र
तेजस्वी यादव के अनुसार, लखीसराय का EPIC नंबर IAF3939337 है, जिसमें पिता का नाम शारदा रमन सिंह और उम्र 57 वर्ष दर्ज है। वहीं, बांकीपुर का EPIC नंबर AFS0853341 है, जिसमें उम्र 60 वर्ष दर्ज है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 17 और 18 के तहत किसी व्यक्ति का नाम एक ही विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में होना चाहिए। ऐसे में दोहरी प्रविष्टि कानूनी उल्लंघन है।
तेजस्वी का तंज—“हम पर फौरन नोटिस, इन्हें कब मिलेगा?”
हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बिहार में लाखों डुप्लिकेट मतदाता हटाए गए, लेकिन तेजस्वी के अनुसार, डिप्टी सीएम का यह मामला आयोग की गंभीर चूक दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हम पर तो तुरंत नोटिस जारी कर दिया गया, अब देखते हैं इनको कब नोटिस मिलता है। जनता को सच्चाई जाननी चाहिए कि फर्जीवाड़ा कौन कर रहा है।”
राजनीतिक तापमान चढ़ा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और सत्तापक्ष व विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त हैं। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि विजय सिन्हा “उम्र घोटाले” में भी शामिल हैं, जिससे उनकी राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठता है।