बिहार चुनावी संग्राम में गरमी: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दोहरे EPIC विवाद पर दी सफाई, तकनीकी खामी को बताया वजह

पटना, संवाददाता।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दोहरे EPIC कार्ड का मामला सियासी अखाड़े में गरमा गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए दो वोटर आईडी और उम्र में हेरफेर के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तीखा पलटवार करते हुए अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि यह किसी फर्जीवाड़े का मामला नहीं, बल्कि चुनावी सूची में हुई तकनीकी चूक है, जिसे सुधारने की प्रक्रिया पहले से जारी है।

विजय सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि उनका नाम पहले बांकीपुर, पटना की मतदाता सूची में दर्ज था। अप्रैल 2024 में लखीसराय में नाम जुड़वाने और बांकीपुर से नाम हटवाने के लिए उन्होंने आवेदन किया था। लेकिन तकनीकी कारणों से बांकीपुर से उनका नाम नहीं हट सका। बाद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में यह त्रुटि सामने आई तो 5 अगस्त 2024 को उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से दोबारा नाम हटाने का आवेदन किया और उसकी रसीद भी प्रस्तुत की।

उम्र में अंतर के आरोपों पर डिप्टी सीएम ने कहा कि मतदाता पहचान पत्र में दर्ज उम्र की गड़बड़ी को ठीक करने के लिए उन्होंने पहले ही अनुरोध किया था। प्रमाणपत्र के अनुसार उनकी वास्तविक उम्र दर्ज की जा रही है और चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित त्रुटि सुधार अवधि में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए विजय सिन्हा ने इसे “जंगलराज की राजनीतिक संस्कृति” करार दिया और आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा मतदाता सूची में धांधली की संस्कृति में विश्वास नहीं करती, जबकि विपक्ष के इतिहास में बूथ मैनेजमेंट के आरोप बार-बार उठते रहे हैं।

चुनावी विशेषज्ञों के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 17 और 18 के तहत एक व्यक्ति का दो स्थानों पर पंजीकरण गैरकानूनी है। हालांकि, कई बार ऐसी स्थिति तकनीकी त्रुटियों से भी उत्पन्न हो जाती है, जिनका समय पर निपटारा जरूरी होता है।

 

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