गुजरात से बिहार तक वोट का खेल? तेजस्वी का बीजेपी व चुनाव आयोग पर सीधा वार

पटना – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में मतदाता सूची में धांधली कर भाजपा को फायदा पहुँचाया जा रहा है और इसे “वोट की डकैती” बताया।

तेजस्वी ने कहा कि 2020 के चुनाव में भी उनकी पार्टी को कई सीटों पर बेहद कम अंतर से हराया गया था और इस बार भी वैसी ही साजिश दोहराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “जिंदा लोगों को मृत घोषित किया जा रहा है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों के नाम कई इलाकों की मतदाता सूचियों में शामिल हैं।”

मुजफ्फरपुर मेयर पर ‘दोहरी पहचान’ का आरोप
राजद नेता ने मुजफ्फरपुर नगर निगम की महापौर निर्मला देवी और उनके परिजनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि महापौर और उनके देवरों के पास दो-दो EPIC (मतदाता पहचान) नंबर हैं। तेजस्वी ने एक बूथ के उदाहरण के साथ प्रोजेक्टर पर तस्वीरें व मतदाता आईडी नंबर दिखाते हुए कहा कि यह चुनावी पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।

गुजरात के मतदाता अब बिहार में?
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि गुजरात से आकर कुछ लोग बिहार के मतदाता सूची में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से बिहार भाजपा प्रभारी भीखूभाई दालसानिया का नाम लेते हुए कहा कि “पहले वह गुजरात में वोट देते थे, अब बिहार में नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं।”

विजय सिन्हा पर तंज
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने भाजपा नेता विजय सिन्हा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने खुद खुलासा नहीं किया होता तो सिन्हा का नाम मतदाता सूची से नहीं हटता। “दो जिलों में गड़बड़ी के बावजूद केवल एक जिले से नोटिस क्यों?” – तेजस्वी ने सवाल उठाया।

तेजस्वी यादव ने मांग की कि चुनाव आयोग तुरंत इस मामले पर कार्रवाई करे और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करे, ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का भरोसा कायम रह सके।

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