एक देश, एक संविधान: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने धारा 370 हटाने को बताया ‘राष्ट्र एकता’ का संकल्प

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए धारा 370 को हटाने को ‘एक देश, एक संविधान’ के मंत्र की साकारता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से देश की एकता और अखंडता को नई मजबूती मिली है और यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब हमने धारा 370 की दीवार को गिराकर एक देश, एक संविधान के मंत्र को जीवन में उतारा, तब हमने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी। आज मेरे सामने भारत का एक लघु रूप मौजूद है – दूरदराज़ के पंचायत प्रतिनिधि, ‘ड्रोन दीदी’, ‘लखपति दीदी’, खेल जगत के नायक और समाज के विविध क्षेत्रों से योगदान देने वाले लोग यहां उपस्थित हैं। तकनीक के माध्यम से आज लाल किला भी पूरे भारत से जुड़ा हुआ है।”

इस वर्ष प्रधानमंत्री का यह 12वां लगातार स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा, जिससे उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 11 लगातार भाषणों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इंदिरा गांधी ने कुल 16 बार लाल किले से भाषण दिया था।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का भी उल्लेख किया और उन्हें भारत के राजनीतिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक परिदृश्य का अमिट व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने संविधान के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए और उनका बलिदान राष्ट्र के लिए प्रेरणा है।

देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के उत्साह का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आज 140 करोड़ भारतीय तिरंगे की शान को अपने दिल में समेटे हुए हैं। चाहे रेगिस्तान हो, हिमालय की चोटियां, समुद्र का किनारा या भीड़भाड़ वाले शहर—हर जगह एक ही गीत, एक ही नारा गूंज रहा है—मां भारती की जय।”

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की उपलब्धियों को विशेष सम्मान दिया गया। लाल किले के पास ग्यानपथ पर ऑपरेशन सिंदूर का प्रतीक चिह्न और पुष्प सज्जा भी प्रदर्शित की गई। समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया, जिनमें 2025 स्पेशल ओलंपिक्स दल के सदस्य, अंतरराष्ट्रीय खेलों के विजेता, खेलो इंडिया पैरा गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता और राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन से जुड़े सफल किसान शामिल रहे।

शाम को पहली बार पूरे देश में 140 से अधिक प्रमुख स्थलों पर सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल, एनसीसी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, बीएसएफ, आईडीएस, आरपीएफ और असम राइफल्स के बैंड कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *