किश्तवाड़ में बादल फटने से मची तबाही, 38 की मौत, कई लापता
किश्तवाड़/जम्मू-कश्मीर, संवाददाता — जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के दुर्गम गांव चासोती में गुरुवार दोपहर बादल फटने से भारी तबाही मच गई। प्रशासन के अनुसार अब तक 38 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। घटना के समय यहां मां मचैल यात्रा के हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।
चासोती, जो मचैल माता मंदिर की ओर जाने वाला आख़िरी वाहन-योग्य गांव है, समुद्र तल से करीब 9,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। यहां से आगे श्रद्धालु 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचते हैं। गुरुवार को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच अचानक हुई बारिश और बादल फटने से इलाके में तेज़ बहाव आ गया, जिसने सामुदायिक रसोई (लंगर) और आसपास के कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
बचाव कार्य में जुटी टीमें
आपदा के तुरंत बाद प्रशासन, सेना, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में लग गईं। दो एनडीआरएफ दल उधमपुर से रवाना किए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि “दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण है और पूरी तरह राहत में 15 से 20 दिन लग सकते हैं।”
यात्रा स्थगित, कंट्रोल रूम सक्रिय
वार्षिक मचैल माता यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने पाड्डर में कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं, जहां से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को सहायता दी जा रही है।
कंट्रोल रूम हेल्पलाइन नंबर:
9858223125, 6006701934, 9797504078, 8492886895, 8493801381, 7006463710
जिला कंट्रोल रूम: 01995-259555, 9484217492
पुलिस कंट्रोल रूम (किश्तवाड़): 9906154100
नेताओं का शोक और संवेदना संदेश
राज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। राहत व बचाव में कोई कमी नहीं रहेगी।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल और राज्य सरकार से बात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी सोशल मीडिया पर घटना की जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई में जुट गया है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए कश्मीर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ऊँचाई वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।