किश्तवाड़ में बादल फटने की तबाही, मृतकों की संख्या 56 हुई, सैकड़ों लापता
किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) – किश्तवाड़ जिले के दूरदराज़ इलाके चोसोटी गांव में गुरुवार दोपहर हुए भीषण बादल फटने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। जिला प्रशासन के अनुसार 32 घायलों की हालत नाज़ुक है, जबकि 100 से अधिक लोग अब भी मलबे और पानी के तेज बहाव में लापता हैं। राहत व बचाव दल लगातार मलबे में दबे लोगों को निकालने और लापता व्यक्तियों की तलाश में जुटे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब एक बजे उस समय हुआ जब मचैल माता मंदिर की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गांव में मौजूद थे। इस दौरान गांव में लगे एक लंगर स्थल पर सबसे ज़्यादा तबाही हुई, जहां श्रद्धालु और स्थानीय लोग भोजन कर रहे थे। अचानक आए पानी और मलबे के तेज बहाव ने कई लोगों को बहा दिया।
गांव किश्तवाड़ कस्बे से करीब 90 किलोमीटर दूर है और सड़क मार्ग का अंतिम पड़ाव भी यहीं है। घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, सेना और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
जिला प्रशासन ने भारी मशीनरी, जेसीबी और पर्याप्त संख्या में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को मौके पर भेजने का आदेश दिया है। सेना के जम्मू स्थित जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि व्हाइट नाइट कॉर्प्स की पांच टुकड़ियां, प्रत्येक में 60 जवान और चिकित्सा दल के साथ, मौके पर तैनात हैं और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जान बचाने का प्रयास कर रही हैं।
अब तक 167 लोगों को मलबे से जीवित निकाला जा चुका है, लेकिन लापता लोगों की संख्या को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। इलाके में बारिश का खतरा अब भी बना हुआ है, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां बढ़ रही हैं।
यह घटना न केवल किश्तवाड़, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए एक बड़ा हादसा बन गई है, जिसकी त्रासदी से उबरने में लंबा समय लग सकता है।