उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए प्रत्याशी बने सी.पी. राधाकृष्णन, संसद भवन में नेताओं ने दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सोमवार को अपनी औपचारिक तैयारियों की शुरुआत कर दी। संसद भवन स्थित पुस्तकालय में हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बैठक के दौरान राधाकृष्णन का अभिवादन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अन्य नेताओं ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, एल. मुरुगन सहित भाजपा सांसद संबित पात्रा और सुभाष बराला भी मौजूद रहे।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, “आज एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन से सभी फ loor leaders की मुलाकात हुई। हमें गर्व है कि इतनी सरलता, विनम्रता और जनता के बीच मजबूत छवि वाले नेता को एनडीए ने अपना उम्मीदवार चुना है। हमें उम्मीद है कि सभी दल उन्हें समर्थन देंगे।”
एनडीए प्रत्याशी राधाकृष्णन 20 अगस्त को सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। सूत्रों के मुताबिक लगभग 160 सांसद उनके साथ नामांकन प्रक्रिया में मौजूद रहेंगे, जिनमें 20 प्रस्तावक और 20 समर्थक शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितम्बर को होना है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर एनडीए नेताओं की बैठक हुई, जहां राधाकृष्णन के नाम पर आधिकारिक मुहर लगी। जitan Ram Manjhi ने बताया कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और सभी सहयोगी दलों ने समर्थन का आश्वासन दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राधाकृष्णन के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि किरेन रिजिजू उनके चुनाव अभिकर्ता होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने राधाकृष्णन की सराहना करते हुए कहा कि वह जमीनी स्तर पर जनता के बीच काम करने वाले, ईमानदार और कुशल नेता हैं।
गौरतलब है कि राधाकृष्णन इससे पहले सांसद रह चुके हैं और झारखंड व तेलंगाना जैसे राज्यों के राज्यपाल भी रह चुके हैं। भाजपा का मानना है कि तमिलनाडु से आने वाले इस अनुभवी नेता को उम्मीदवार बनाना रणनीतिक दृष्टि से अहम कदम है। एनडीए को उम्मीद है कि विपक्ष किसी को मैदान में नहीं उतारेगा और राधाकृष्णन निर्विरोध चुने जाएंगे।
संविधान के अनुच्छेद 64 से 68 में उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया का उल्लेख है। अनुच्छेद 66(1) के अनुसार चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल हस्तांतरणीय मत पद्धति से गुप्त मतदान द्वारा कराया जाता है।