बीजेपी नेताओं पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप, प्रशांत किशोर बोले – ‘लालू से भी ज्यादा भ्रष्ट’

पटना। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में भाजपा के बड़े नेता खुद को पाक-साफ बताने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद से भी ज्यादा भ्रष्ट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में भारी वित्तीय गड़बड़ियां हुईं, जिसका जिम्मा लंबे समय से भाजपा के पास रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में किशोर ने सीधे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगलेश पांडेय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पांडेय और भाजपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के बीच ‘लेन-देन का खेल’ चला, जिसके नतीजे में सरकारी ठेकों से लेकर निजी संपत्ति खरीद तक सब जुड़ा हुआ है।

किशोर के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने 1,200 एंबुलेंस करीब 28 लाख रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदीं, जबकि ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यही गाड़ियां लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोविड काल के दौरान पांडेय ने दिल्ली में अपनी पत्नी के नाम पर एक फ्लैट खरीदा, जिसमें जायसवाल ने वित्तीय मदद और गवाह के तौर पर भूमिका निभाई। किशोर का कहना है कि जायसवाल ने अगस्त 2019 में पांडेय के पिता के खाते में 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन इस रकम का जिक्र 2020 विधानसभा चुनाव के हलफनामे में नहीं किया गया।

जन सुराज प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि पांडेय ने ‘कृपा स्वरूप’ के तहत किशनगंज स्थित एक मेडिकल कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाया, जिसमें जायसवाल के बड़े हिस्सेदारी होने की बात कही गई। इसके अलावा, उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव प्रत्यय अमृत से भी जवाब मांगा कि आखिर इतनी ऊंची कीमत पर ठेका एक ही कंपनी को क्यों दिया गया।

किशोर ने राजस्थान की एक अदालत के हालिया आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के एक और मंत्री जीवेश मिश्रा को नकली दवाइयों के निर्माण में दोषी पाया गया, लेकिन फिर भी वे नीतीश कैबिनेट में बने हुए हैं। अदालत ने उन्हें जेल की सजा न देकर प्रोबेशन पर छोड़ दिया।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी किशोर ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले बीमार हों, लेकिन जिस सरकार में लड़कों को पुलिसकर्मी लात मारते हैं, वह सहानुभूति की पात्र नहीं है।”

उधर, भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि 25 लाख रुपये जायसवाल द्वारा पांडेय के पिता को दिया गया एक कर्ज था, जिसे चुका दिया गया है।


 

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