फणीश्वरनाथ रेणु : साहित्य की जनपदीय आत्मा
फणीश्वरनाथ रेणु : साहित्य की जनपदीय आत्मा, जो आज भी जीवित है पटना, 4 मार्च। हिंदी साहित्य में ग्राम्य जीवन की गूंज को नई पहचान देने वाले कालजयी लेखक फणीश्वरनाथ…
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फणीश्वरनाथ रेणु : साहित्य की जनपदीय आत्मा, जो आज भी जीवित है पटना, 4 मार्च। हिंदी साहित्य में ग्राम्य जीवन की गूंज को नई पहचान देने वाले कालजयी लेखक फणीश्वरनाथ…
97वें ऑस्कर अवॉर्ड्स: ‘अनौरा’ ने मारी बाज़ी, मिकी मैडिसन और एड्रियन ब्रॉडी बने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता लॉस एंजेलिस। 97वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2025) का आयोजन भव्य अंदाज़ में किया गया, जिसमें…
राज कपूर और रविंद्र जैन: जब ‘राम तेरी गंगा मैली’ के लिए मिला था संगीतमय समाधान – हिंदी फिल्म संगीत जगत में रविंद्र जैन का नाम सदैव सम्मान और सृजनशीलता…
ममता: एक अमर प्रेम गाथा और बलिदान की कहानी 27 फरवरी 1966 को रिलीज़ हुई हिंदी सिनेमा की कालजयी फिल्म ‘ममता’ आज 59 वर्ष पूरे कर चुकी है। यह फिल्म…
सिनेमाई रोमांच के बावजूद कहानी में ठहराव, सोहम शाह की अदाकारी लाजवाब हाल ही में रिलीज़ हुई 90 मिनट की इस फिल्म ने प्रचार के मामले में काफी सुर्खियां बटोरी…
80 साल बाद भी रहस्य और सिनेमा की बेजोड़ मिसाल है ‘लौरा’ – 1944 में बनी अमेरिकी फिल्म लौरा आज भी सिनेमा प्रेमियों के लिए उतनी ही रोमांचक है, जितनी…
1975: हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम वर्ष, 50 साल बाद भी चमक बरकरार लेखक : निहाल कुमार दत्ता नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में वर्ष 1975 को एक मील का…
सिनेमा में यात्रा, परिवर्तन और अस्तित्व की गूंज सिनेमा में रेलगाड़ी एक महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में उभरती रही है, जो न केवल प्रगति, परिवर्तन और औद्योगीकरण को दर्शाती है,…
बेजोड़ प्रदर्शन लेकिन अधूरी पकड़” नई दिल्ली। अमेज़न प्राइम की बहुचर्चित वेब सीरीज़ पाताल लोक का दूसरा सीज़न रिलीज़ हो चुका है, लेकिन दर्शकों की उम्मीदों पर यह पूरी तरह…
फिल्म समीक्षा जबरदस्त स्टाइल, किलर एक्शन और एक अनोखे अंदाज में पेश की गई कहानी—राइफल क्लब इन तीनों चीजों का बेहतरीन मिश्रण है। यह फिल्म न सिर्फ अपने टारनटीनो-स्टाइल ट्रीटमेंट…