अकीरा कुरोसावा : विश्व सिनेमा के युगप्रवर्तक निर्देशक
संपादकीय डेस्क सिनेमा के इतिहास में जापानी निर्देशक अकीरा कुरोसावा (1910-1998) का नाम एक मील का पत्थर है। अपनी अनूठी दृश्यात्मक शैली, सशक्त कहानी कहने के अंदाज और मानवीय संवेदनाओं…
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संपादकीय डेस्क सिनेमा के इतिहास में जापानी निर्देशक अकीरा कुरोसावा (1910-1998) का नाम एक मील का पत्थर है। अपनी अनूठी दृश्यात्मक शैली, सशक्त कहानी कहने के अंदाज और मानवीय संवेदनाओं…
‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ नेटफ्लिक्स पर सस्पेंस और थ्रिल से भरी वेब सीरीज़ राजनीति, पुलिस और अपराध के घिनौने गठजोड़ को बेनकाब करती वेब सीरीज़ ‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ ने…
20 मार्च – भारतीय सिनेमा में अपने विदेशी चेहरे और दमदार व्यक्तित्व के कारण खलनायक की पहचान बना चुके बॉब क्रिस्टो का 20 मार्च 2011 को बेंगलुरु में निधन हो…
‘स्टॉकर’ के निर्देशक अमन कुमार ने बताया— “यह फिल्म दर्शकों के लिए नई अनुभूति होगी” टीडब्ल्यूएम न्यूज़ संवाददाता अनिरुद्ध नारायण की विशेष बातचीत पटना। फिल्मों के प्रति जुनून और अपनी…
“द डिप्लोमैट” : भारत की कूटनीतिक ताकत का शानदार चित्रण 16 मार्च – सिनेमाघरों में हाल ही में रिलीज हुई जॉन अब्राहम स्टारर द डिप्लोमैट भारतीय कूटनीति की प्रभावशीलता को…
‘द स्टोरीटेलर’: जब कहानी सुनाने का अंदाज बना एक मिसाल आज के दौर में, जब सिनेमा पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से बनी चमक-दमक वाली फिल्मों और तयशुदा फार्मूलों पर आधारित…
इन गलियों में: संवेदनाओं की पुनर्रचना का जीवंत दस्तावेज़ साहित्य और सिनेमा का मेल जब किसी अनुभवी हाथों में होता है, तो वह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक जीवंत…
सपनों की उड़ान: ‘सुपरबॉयज़ ऑफ़ मालेगांव’ एक प्रेरणादायक फिल्म मालेगांव की गलियों से निकली एक सच्ची और प्रेरणादायक कहानी पर आधारित फिल्म ‘सुपरबॉयज़ ऑफ़ मालेगांव’ हाल ही में दर्शकों के…
ड्रॉइंगरूम की शान था यह म्यूजिक सिस्टम, जब धुनों पर झूमते थे लोग एक दौर था जब घरों में संगीत सुनने का अंदाज अलग ही होता था। बड़े स्पीकर्स, दमदार…
सिनेमा में दर्पण शॉट्स: किरदारों के मनोविज्ञान की झलक सिनेमा में दर्पण (मिरर) शॉट्स केवल एक दृश्य तकनीक नहीं, बल्कि कहानी कहने का एक प्रभावशाली माध्यम भी है। जब कोई…