डॉलर के मुकाबले रुपया फिर फिसला: 47 पैसे गिरकर 95.73 पर बंद, बाजार में बढ़ी चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते दबाव के बीच भारतीय रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे टूटकर 95.73 (प्रोविजनल) के स्तर पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने रुपये पर दबाव बनाया।

विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी ने भी रुपये को नीचे खींचा।

दिनभर में उतार-चढ़ाव जारी
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 95.43 के स्तर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.33 के उच्च स्तर तक गया, जबकि 95.76 के निचले स्तर तक फिसला। अंततः यह 95.73 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र की तुलना में 47 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

पहले बढ़त, अब गिरावट
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को रुपया 34 पैसे मजबूत होकर 95.26 पर बंद हुआ था। उस समय भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर की बिक्री से रुपये को सहारा मिला था।

कच्चे तेल और भू-राजनीति का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियों की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे भारत जैसे आयातक देश की मुद्रा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3% से अधिक बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जिससे बाजार में चिंता और बढ़ गई।

शेयर बाजार में भी गिरावट
घरेलू शेयर बाजार भी दबाव में रहा। सेंसेक्स करीब 479 अंक गिरकर 76,009.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 118 अंक टूटकर 23,913.70 पर आ गया।

आगे का अनुमान
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल रुपये पर दबाव बना रह सकता है। अनुमान है कि डॉलर-रुपया दर 95.20 से 95.85 के दायरे में कारोबार कर सकती है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर कुछ राहत मिल सकती है।

वैश्विक तनाव, महंगा तेल और कमजोर घरेलू बाजार इन तीनों कारकों ने मिलकर रुपये को फिर कमजोर कर दिया है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात ही तय करेंगे कि रुपया संभलेगा या और दबाव में आएगा।

 

Report by – Anirudh Narayan ( Intern) BAJMC

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