वैश्विक उठापटक और फेड संकट से सोना पहुंचा ₹1 लाख के पार
बाज़ार में निवेशकों की भारी लिवाली, चार सत्रों से लगातार जारी तेजी
नई दिल्ली।
वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंता और अमेरिका में फेडरल रिजर्व को लेकर गहराते तनाव के बीच सोमवार को घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त वायदा अनुबंध में सोना ₹2,048 उछलकर ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया।
व्यापारियों के अनुसार, निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख किया है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। इसके चलते अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
दोपहर के कारोबार में सोना ₹99,790 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो ₹1,838 यानी 1.88 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। अक्टूबर अनुबंध भी ₹2,016 चढ़कर ₹1,00,500 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। जून वायदा में भी सोने ने ₹2,079 की छलांग लगाते हुए ₹99,358 प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया।
34 साल में लगभग 9.80% का वार्षिक रिटर्न
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक (कमोडिटीज) सौरमिल गांधी के अनुसार, 1990 में सोने का भाव मात्र ₹3,200 प्रति 10 ग्राम था। 2024 के अंत तक यह ₹77,913 तक पहुंच गया। 34 वर्षों में सोने ने करीब 9.80 प्रतिशत का चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दिया है। वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 26.20 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।
गांधी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से सोने में निवेशकों का आकर्षण बढ़ा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी, एशिया में मजबूत मांग और फेडरल रिजर्व की नरम मौद्रिक नीतियों ने इसकी कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी
अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार में भी सोना पहली बार USD 3,500 प्रति औंस के पार गया। सोमवार को सोना USD 83.76 यानी 2.44% की बढ़त के साथ USD 3,509.06 प्रति औंस तक पहुंचा। बाद में मामूली गिरावट के साथ यह USD 3,491.25 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटीज उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने कहा, “वैश्विक वित्तीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के कारण निवेशक सोने में शरण ले रहे हैं। इससे सोने की कीमतों को जबरदस्त सहारा मिल रहा है।”
फेड और ट्रंप के बीच टकराव तेज
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को फिर से फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फेड तत्काल कदम नहीं उठाता तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा सकती है।
वहीं, डॉलर सूचकांक तीन साल के निचले स्तर पर आ गया, जिससे सोने की मांग और बढ़ गई। पिछले सप्ताह फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया था कि तत्काल ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है, क्योंकि महंगाई और व्यापारिक अनिश्चितताओं का जोखिम बना हुआ है।
इसी बीच व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने भी खुलासा किया कि ट्रंप प्रशासन फेड चेयर पॉवेल को हटाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा वैश्विक हालात और अमेरिका में नीतिगत अनिश्चितता बनी रही तो सोने में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।