पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेई की हत्या पर आक्रोश, हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग
सिद्धार्थनगर/सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेई की निर्मम हत्या से प्रदेशभर के पत्रकारों में रोष व्याप्त है। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (पूर्वांचल) के प्रदेश सचिव हाशिम रिजवी और सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह (बब्बू) ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष केपी सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि यह कानून पहले से लागू होता तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और पत्रकार सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पत्रकार समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा।
परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की अपील
प्रदेश सचिव हाशिम रिजवी ने पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेई के परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हत्या के 48 घंटे बीतने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं, जो कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के डुमरियागंज तहसील अध्यक्ष राजेश यादव, मोहम्मद नईम, सफायत अली, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद इस्माइल, पीडी दूबे और गणेश अग्रहरि सहित कई पत्रकारों ने घटना की कठोर निंदा की है। राजेश यादव ने कहा कि जब पत्रकार को पहले ही जान से मारने की धमकी मिली थी, तो उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं प्रदान की गई? उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
पुलिस की भूमिका पर संदेह, जल्द कार्रवाई की मांग
पत्रकारों ने सीतापुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। इस घटना के बाद पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश है और वे सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।