खम्हार में मोदन पासवान को दी गई श्रद्धांजलि, भजनों से गूंजा संत समागम
डा. राजकुमार आजाद बोले – कृति से जीवित रहता है इंसान, नहीं तो होता है मुर्दा समान
बेगूसराय, 16 मई (संवाददाता):
बेगूसराय के खम्हार पंचायत स्थित गांव में गुरुवार को कबीर पंथ के प्रख्यात अनुयायी स्वर्गीय मोदन पासवान की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता मनोज सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम में विश्व कबीर रविदास विचार मंच के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजकुमार आजाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
डा. आजाद ने अपने संबोधन में कहा, “मनुष्य अपने कर्म और कृति से मरने के बाद भी जीवित रहता है, जबकि बिना उद्देश्य के जीवन जीने वाला व्यक्ति जीते जी मृत के समान होता है।” उन्होंने मोदन पासवान के जीवन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम में मंच की महिला अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डा. पूनम आजाद ने अपने आत्मिक भजन “बेटा ले हम चोरी करलौं, बेटी ले बेईमानी…” के माध्यम से श्रोताओं को अध्यात्म की गहराइयों से जोड़ दिया। पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया।

सभा में महंथ राम प्रताप दास, महंथ पासो दास, साध्वी शोभा दासिन सहित कई संत-महंथों ने अपने प्रवचनों व भजनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।
स्वर्गीय मोदन पासवान के तीनों पुत्र – चंद्रशेखर पासवान, सुखदेव पासवान, और रामचंद्र पासवान ने अपने परिवार सहित आगंतुक संतों व अतिथियों को माला व चादर भेंट कर ससम्मान अभिवादन किया।
कार्यक्रम के दौरान संगीत संगत में श्रवण कुमार (आर्गन), दीप कमल (पैड), मोरध्वज (नाल), एवं सौरभ (तबला) ने अपनी कला से कार्यक्रम को संगीतमय बना दिया।
गांववासियों सहित दूरदराज़ से आए श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि मोदन पासवान न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत थे।